* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
* बेरोजगारी, करियर या शिक्षा में असफलता को दूर करती हैं।
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
गुप्त नवरात्रि का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।
इस दौरान क्या करना चाहिए, क्या नहीं पूजा विधि क्या है, जानते हैं सब डिटेल में.
पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
दुर्गा सप्तशती, देवी स्तोत्र या महालक्ष्मी मंत्र का पाठ करें।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।
मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और read more बेदी से कलश को उठाएं।
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।